बेगूं में प्रारम्भिक शिक्षा प्रधानाध्यापकों की दो दिवसीय वाकपीठ हुई शुरू।
शिक्षा के स्तर में ओर सुधार की जरूरत :- एसडीएम सामरिया
बेगूं, चित्तौड़गढ़। बेगूं में प्राथमिक शिक्षा के प्रधानाध्यापकों की दो दिवसीय सत्रारंभ वाकपीठ शुरू हुई। इसका शुभारंभ एसडीएम अंकित सामरिया ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भंवर सिंह ने की। तहसीलदार गोपाल जीनगर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कन्हैया लाल धाकड़ और अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र गुप्ता विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपखण्ड अधिकारी अंकित सामरिया ने कहा- शिक्षा के स्तर को सुधारने और राजकीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “शिक्षित शिक्षक और समृद्ध विद्यालय ही एक सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।” उन्होंने प्रधानाध्यापकों से पूरी ऊर्जा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) कन्हैया लाल धाकड़ ने शिक्षा विभाग के नवीन दिशा-निर्देशों और प्राथमिक स्तर पर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सत्र के प्रारंभ और अंत की रणनीतियों को साझा करते हुए शत-प्रतिशत नामांकन और ठहराव सुनिश्चित करने की बात कही।
वाकपीठ अध्यक्ष भंवर सिंह मुरलिया ने वाकपीठ की सामान्य जानकारी दी, एवं वाकपीठ सचिव जितेंद्र कुमार सुवालका ने आज प्रथम दिन की वार्ताओं के बारे में जानकारी दी | कार्यक्रम का मंच संचालन श्यामलाल रेगर ने किया।
मीडिया प्रभारी विकास जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की थीम: वाकपीठ के प्रथम दिन “नव सत्र नई ऊर्जा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” की थीम पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
अकादमिक विकास पर चर्चा:
ब्लॉक के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के संस्था प्रधानों ने नवीन शिक्षण पद्धतियों, विद्यालय प्रबंधन और बच्चों की दक्षता सुधार पर आपस में विचार साझा किए।
इस शैक्षिक संगोष्ठी के पहले दिन बेगूं ब्लॉक के कई वरिष्ठ शिक्षाविद,बड़ी संख्या में संस्था प्रधान मौजूद रहे। वाकपीठ का समापन आज शनिवार, 12 सितंबर को होगा।









